तीन तलाक बिल धोखा और धार्मिक आजादी पर हमला

तीन तलाक

तीन तलाक बिल धोखा और धार्मिक आजादी पर हमला

लील बनात ऊपर टोला की पूर्वी और एक लंबे चौड़े मैदान में मंगलवार को अनुमंडलीय स्तरीय मुस्लिम महिला जागरूकता कॉन्फ्रेंस का आयोजन श्रीमती सादिया हैदरी नूरी अध्यापिका जामिया तयबा लील बनात कि अध्यक्षता में संपन्न हुआ संचालक कर्ता श्रीमती उमतुल जलील नसीम ने की कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जामिया तैयबा लील वनात ऊपर टोला बलिया तथा कस्बा स्थित जामिया तुस सालेहात कि शिक्षिका ने कहा कि मोदी सरकार की ओर से बनाया जा रहा तीन तलाक बिल महिलाओं की हमदर्दी के बहाने शरीयत ए इस्लामी में हस्तक्षेप और भारतीय संविधान में मिली धार्मिक स्वतंत्रता पर करारा प्रहार है जिसे हम मुस्लिम महिला किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं कर सकते हमें हमारी शरीयत ए इस्लामी जान से भी अधिक प्रिय है हम महिलाएं पहले भी अपने शरीयत ए इस्लामी के नियम के अधीन थे और आज भी हैं और कल भी रहेंगे सरकार हमारी सारी बातें इस्लाम में में हस्तछेप का सपना छोड़ दे सरकार के इस सपने को हम कभी भी किसी भी कीमत पर साकार नहीं होने देंगे हिंदी का प्रसिद्ध मुहावरा है

सपना कभी ना हो अपना

कॉन्फ्रेंस में उपस्थित हजारों हजारों की संख्या में सारी महिलाएं ने एक जुबान होकर कहा कि हम महिलाएं तीन तलाक बिल का जो अभी राज्यसभा में अटका हुआ है उसकी घोर शब्दों में निंदा करते हैं और मौजूदा सरकार से इस बिल को संपूर्ण तरह वापस लेने की आग्रह करते हैं इस कांफ्रेंस में पूरे बलिया अनुमंडल के माननीय उल्मा ऐ केराम बुद्धिजीवी और समाज से भी लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई जिनके मुख्य अतिथि काजीए शरियत मौलाना अब्दुल अजीम हैदरी मुफ्ती शब्बीर अनवर कासमी मुफ्ती नासिरुद्दीन कासमी मुफ्ती शादाब कासमी मौलाना अमानुल्लाह निसतावी मौलाना शादाब अजहर रहमानी मौलाना असरफ कासमी और समाज सेवक मोहम्मद अफाक मोहम्मद शमीम मोहम्मद अशरफ मोहम्मद अफसर मौलाना अब्दुल बासित फैजल अफजल डॉक्टर चौधरी निहाल सनोवर आलम सैकड़ों धनवान व्यक्ति सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे