कुत्ते ने अपनी जान देकर बचाई मालकिन की जिंदगी

कुत्तों को यूं ही दरवेश नहीं कहा जाता. मुंबई में हुई एक घटना इसकी मिसाल है. यहां लकी नाम के कुत्ते ने जान देकर अपनी मालकिन की जिंदगी बचा ली.

रविवार दोपहर को मुंबई के सायन कोलिवाड़ा क्षेत्र में वेंकटेश नाम का एक शख्स अपनी गर्ल फ्रैंड से तकरार के बाद गुस्से में इतना पागल हुआ कि बड़ा छुरा लेकर हमला करने के लिए उसके पीछे भागा. लड़की जान बचाने के लिए एक घर का दरवाजा खुला देखकर उसमें घुस गई. पीछे-पीछे 23 वर्षीय वेंकटेश भी वहां पहुंच गया. घर की मालकिन सुमति ने वेंकटेश को रोकने की कोशिश की तो उसने उसी पर हमला कर दिया.

ये देख सुमति का एक साल का कुत्ता लकी वेंकटेश पर झपटा. लकी ने पहले भौंक कर वेंकटेश को भगाने की कोशिश की. वो नहीं माना तो लकी ने उसे दो बार काटा. वेंकटेश के सिर पर तो फिर खून सवार हो गया. उसने लकी के पेट में ही छुरा घोंप दिया. लकी की मौके पर ही मौत हो गई. इसके बाद वेंकटेश वहां से भाग गया.

सुमति ने ‘आज तक’ को बताया, “मैंने वेंकटेश को रोकने की कोशिश की. उसके पास बड़ा छुरा था. उसने मेरे पर हमला करने की कोशिश की. मुझे धक्का दिया और बालों से पकड़ लिया. ये देख लकी मुझे बचाने आया.”

सुमति ने आईपीसी की धारा 429 के तहत पुलिस में केस दर्ज कराया. आरोप साबित होने पर वेंकटेश को पांच साल तक सजा या जुर्माना हो सकता है. पुलिस ने वेंकटेश को गिरफ्तार कर लिया. उसके पास से छुरा भी बरामद किया गया. हालांकि वेंकटेश को उसी दिन 5000 रुपए के मुचलके पर रिहा कर दिया गया.

सुमति का कहना है कि लकी ही उसके लिए जीने का बड़ा सहारा था. सुमति के मुताबिक उसके माता-पिता की काफी समय पहले मौत हो चुकी है. वो इस घर में अपने भाई के साथ रहती है. एक साल पहले गली के कुछ बच्चे इस कुत्ते को खेलते-खेलते उसके दरवाजे पर छोड़ गए थे. तब से ही उसने कुत्ते को घर में रख लिया और लकी नाम दिया.

सुमति के मुताबिक लकी उसके साथ इतना हिला हुआ था कि वो कहीं भी जाती थी तो उसके आगे-पीछे ही रहता था. सुमति नेपुलिस पर वेंकटेश के साथ ढिलाई बरतने का आरोप लगाया. सुमति का कहना है कि उसे हर हाल में लकी के लिए इंसाफ चाहिए.

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