सुकमा : 300 नक्सलियों ने घात लगाकर किया हमला, CRPF के 25 जवान शहीद

नई दिल्ली : छत्तीसगढ़ के सुकमा में सोमवार को नक्सलियों ने CRPF जवानों पर घात लगाकर हमला किया. इस हमले में सीआरपीएफ के 25 जवान शहीद हो गए. घात लगाकर हुए हमले में जवानों को संभलने का मौका नहीं मिला. रिपोर्टों के मुताबिक करीब 300 नक्सलियों ने सीआरपीएफ पर हमला किया. इन 300 नक्सलियों में बड़ी संख्या में महिला नक्सली भी शामिल थीं. जबकि 6 जवानों के लापता होने की खबर है. नक्सलियों ने दोपहर करीब 12.30 बजे घात लगाकर सीआरपीएफ जवानों पर हमला किया.

साल 2010 में सुकमा में हुए नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 76 जवान मारे गए थे. मान जा रहा है कि यह उसके बाद सीआरपीएफ पर सबसे बड़ा हमला है.

सड़क की सुरक्षा के लिए गए थे जवान

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चिंतागुफा थाना क्षेत्र में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 74वीं बटालियन की दो कंपनियों को रविवार को बुरकापाल से चिंतागुफा के मध्य बन रही सड़क की सुरक्षा के लिए रवाना किया गया था। दल जब बुरकापाल से लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर था तब नक्सलियों ने पुलिस दल पर गोलीबारी शुरू कर दी। इस घटना में सीआरपीएफ के 25 जवानों की मौत हो गयी तथा छह जवान घायल हो गए। इसके बाद पुलिस दल ने भी जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस दल रवाना किया गया और शवों और घायल जवानों को वहां से बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की गई। बाद में घायल जवानों को वहां से बेहतर इलाज के लिए रायपुर भेजा गया।

एक दर्जन नक्सलियों के मारे जाने की खबर

रायपुर लाए गए घायल जवान शेर मोहम्मद ने संवाददाताओं को बताया कि वह जब सड़क की सुरक्षा में थे तब लगभग तीन सौ नक्सलियों ने अचानक पुलिस दल पर गोलीबारी शुरू कर दी जिनमें महिला नक्सली भी शामिल थीं। इसके बाद पुलिस दल ने भी जवाबी कार्रवाई की। नक्सली आधुनिक हथियारों से लैस थे। घायल जवान ने बताया कि सुरक्षा बल के जवानों ने नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया। जवान ने दावा किया कि इस मुठभेड़ के दौरान लगभग एक दर्जन नक्सली भी मारे गए हैं। राज्य के पुलिस महानिदेशक एएन उपाध्याय ने बताया कि सुबह जवानों को गश्त के लिए रवाना किया गया था। दल में लगभग एक सौ जवान थे। दल जब 12 बजे बुरकापाल के करीब था तब नक्सलियों ने पुलिस दल पर गोलीबारी शुरू कर दी जिसके बाद सुरक्षा बल के जवानों ने भी कार्रवाई की। दोनों ओर से लगभग तीन घंटे तक गोलीबारी हुई।

राष्ट्रपति ने की नक्सली हमले की निंदा

नक्सली हमले पर शोक व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने ट्वीट किया, ‘छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ जवानों पर हमले की घोर निंदा करता हूं, मृतकों के परिजन के प्रति संवेदनाएं और घायलों के लिए प्रार्थना।’ वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट किया, ‘छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ जवानों पर हमला कायरतापूर्ण और निंदनीय है। हम स्थिति की करीबी निगरानी कर रहे हैं।’ उन्होंने लिखा, ‘हम अपने सीआरपीएफ जवानों की बहादुरी पर गौरवान्वित हैं। शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। उनके परिवारों के प्रति संवेदनाएं।’ उन्होंने हमले में घायल हुए जवानों के जल्दी स्वस्थ होने की कामना की।

गृह राज्य मंत्री जाएंगे सुकमा

गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर और सीआरपीएफ के डीजी को सुकमा में जाने के लिए कहा गया है. साथ ही हमले की जगह पर आईजी और डीआईजी रवाना हो गए हैं. नक्सली जवानों का हथियार भी लूटकर ले गए. हमले में 6 जवान घायल हैं.

 

मुख्यमंत्री रमन सिंह ने की आपात बैठक

 

नक्सली हमले के बाद राज्य के मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने आपात बैठक की. रमन सिंह दिल्ली में थे लेकिन हमले की जानकारी मिलने पर वह रायपुर के लिए रवाना हो गया. बैठक में रमन सिंह ने अधिकारियों से स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.

सुकमा नक्सलियों का गढ़, 11 मार्च को शहीद हुए 12 जवान

गौर हो कि सुकमा नक्सलियों का गढ़ है और यहां नक्सलियों की सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमले की कई वारदातें हुई है जिसमें कई जवानों को शहीद होना पड़ा है. इसी साल 11 मार्च को नक्सलियों ने घात लगाकर सुरक्षा बलों पर हमला किया था जिसमें सेना के 12 जवान शहीद हो गए थे. इसके पहले 10 मार्च को नक्सलियों ने सुकमा में मुखबिर होने के संदेह में एक सरपंच की हत्या कर दी थी. नक्सल प्रभावित सुकमा इलाके में आए दिन नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ होती रहती है.

2014 में सीआरपीएफ के 14 जवानों की गई जान

नक्सलियों ने दिसंबर 2014 में भी सीआरपीएफ के जवानों पर भीषण हमला किया था. सुकमा जिले के चिंतागुफा इलाके में एंटी-नक्सल ऑपरेशन चला रहे सीआरपीएफ के जवानों पर नक्सलियों ने हमला कर दिया। नक्सलियों ने यह हमला उस वक्त किया था जब सीआरपीएफ के जवान अपने साथी जवानों के शव ढूंढ रहे थे। घात लगाकर किए गए इस हमले में 14 जवान शहीद और 12 घायल हुए थे.

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