इंसान के मजबूत इरादे से मिलता है सफलता

इंसान के मजबूत इरादे से मिलता है सफलता

नवादा.कहते हैं इंसान के पास अगर मजबूत इच्छाशक्ति और नेक इरादे हो तो कठिन से कठिन कार्यों को पूरा किया जा सकता है. उनके सामने बड़ी से बड़ी समस्या भी घुटने टेक देती है. कुछ ऐसा ही कर दिखाया है नवादा स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय के शिक्षक प्रीतम कुमार शर्मा ने.ये हैं प्रीतम कुमार शर्मा जो 12 वर्ष की उम्र से ही अपनी दोनों आंख से देखने में असक्षम हैं.

चेचक जैसे गंभीर बीमारी से इन्हें 12 वर्षों की उम्र में ही अपने दोनों आंख गवाने पड़े. उस दिन के बाद से प्रीतम को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.शुरुआती दौर में आंख गंवा देने के कारण समाज में उन्हें अलग ही नजरिए से देखा जाता था. लोग उसे यूं ही सभी जगह नकार देते थे. इसी कारण उसी दिन से उन्होंने समाज और अपने आप की बेहतरी के लिए कड़ी मेहनत करनी शुरू कर दी.

नतीजा यह निकला कि समाज को नई धारा देने और इंसान को उत्कृष्ट बनाने वाले ‘शिक्षक’ के रूप में अपने आपको समाज में स्थापित किया.डीफ एंड डंब स्कूल पटना से उन्होंने अपनी मैट्रिक की परीक्षा पास की।

इसके बाद उन्होंने वर्ष में पटना यूनिवर्सिटी से हिंदी से ग्रेजुएशन की अपनी पढ़ाई पूरी की और आज वह शिक्षक के पद पर अपने आप को काबिज किया।उनकी दृढ़ इच्छा और कभी हार ना माने की आदत से स्कूल के सभी शिक्षक भी उनसे काफी प्रेरणा लेते हैं और सीख लेकर नए और ऊर्जावान तरीके से बच्चों को पढ़ाते हैं.

उनकी प्रखर हिंदी से स्कूल के शिक्षक और छात्र बहुत ही प्रभावित रहते हैं. स्कूल के सभी बच्चे भी उनका खूब सम्मान करते हैं. उनसे प्रेरणा लेते हैं. स्कूल के एक छात्र बताते हैं कि जब सर के पास इतना कठिनाई के बाद सफलता मिलना लगभग तय है ।