बच्चों को किताब खरीदने के लिए उनके बैंक खातों में मार्च-अप्रैल महीने से राशि भुगतान

बच्चों को किताब खरीदने के लिए उनके बैंक खातों में मार्च-अप्रैल महीने से राशि भुगतान

बिहार : राज्य के स्कूली बच्चों को अब पोशाक खरीदने के बाद किताब खरीदने के लिए भी राशि मिलेगी. प्रारंभिक स्कूलों के करीब दो करोड़ बच्चे अप्रैल से शुरू हो रहे नये सत्र में किताब खरीद कर पढ़ सकेंगे.

स्कूली बच्चों को किताब खरीदने के लिए उनके बैंक खातों में मार्च-अप्रैल महीने से राशि भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जायेगी. शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने इसको लेकर केंद्र सरकार से भी बात की है और इस पर औपचारिक सहमति बन गयी है.

इसके बाद शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है. राज्य सरकार ने 2017-18 के सत्र में भी बच्चों के खाते में राशि दे देने की तैयारी की थी, लेकिन केंद्र से इसकी सहमति नहीं मिली थी.

जिसकी वजह से बच्चों को अक्तूबर महीने के बाद ही किताबें मिलनी शुरू हुईं. 2018-19 सत्र के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से पहले ही बात की है और बच्चों को किताब के बदले राशि देने पर सहमति बनी है.

इससे क्लास एक से आठ तक के बच्चे बाजार से किताब खरीद सकेंगे और सत्र शुरू होने के साथ ही किताब के साथ पढ़ाई कर सकेंगे.
प्राइवेट पब्लिसर्स छापेंगे किताब : बच्चों को किताब देने के लिए छपाई में होने वाली लेट-लतीफी की वजह से सरकार ने प्राइवेट पब्लिसर्स को किताब बाजार में उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है.

इसके लिए प्राइवेट पब्लिसर्स की मिटिंग जनवरी-फरवरी में आयोजित की जायेगी, जिसमें बच्चों को पढ़ाये जाने वाले विषय व पाठ्यक्रम की किताबें बाजार में उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जायेगी. वे किताब छाप कर उसे स्थानीय बाजारों में उपलब्ध करायेंगे.

इतनी मिल सकेगी राशि

क्लास एक से दो : 150 रुपये
क्लास तीन से पांच : 250 रुपये
क्लास छह से आठ : 300-350 रुपये

प्रारंभिक स्कूलों में पढ़ने वाले क्लास एक से आठ तक के बच्चों को किताब खरीदने के लिए राशि दी जायेगी. राशि सीधे बच्चों के खाते में दी जायेगी, जिसे निकाल कर वे किताब खरीद सकेंगे. इस पर जो पेंच फंसा था उसे सुलझा लिया गया है.