चारा घोटाला: लालू बने कैदी नंबर 3351, साग-रोटी खाकर गुजरी पहली रात

चारा घोटाला

चारा घोटाला: लालू बने कैदी नंबर 3351, साग-रोटी खाकर गुजरी पहली रात

चारा घोटाला के एक मामले में सीबीआइ की विशेष अदालत ने शनिवार को राजद सुप्रीमो प्रसाद यादव को दोषी करार दिया गया। अदालत उनके लिए सजा तीन जनवरी को तय करेगी। इस बीच उन्‍हें बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा (होटवार) ले जाया गया है। वहां वे कैदी नंबर 3351 हैं। जेल में उनकी पहली रात चौकी पर कटी। पहली रात उन्‍होंने साग-रोटी खाकर गुजारी।

लालू प्रसाद यादव को केंद्रीय कारा के अपर डिवीजन सेल में रखा गया है। वीआइपी कैदियों की इस सेल में झरिया के विधायक संजीव सिंह, खिजरी के पूर्व विधायक सावना लकड़ा, पूर्व मंत्री गोपाल कृष्ण पातर उर्फ राजा पीटर व पूर्व विधायक कमल किशोर भगत पहले से बंद हैं।
रात में पालक साग व रोटियां

जेल में लालू प्रसाद यादव को चौकी व बिस्तर उपलब्ध करवाया गया। उन्हें खाने में पालक साग व रोटियां दी गईं। उन्हें सोने के लिए चौकी मिली, जिसपर एक गद्दा, तकिया, चादर व मच्छरदानी उपलब्ध कराई गई। प्रत्येक कमरे में टेलीविजन है। केवल दूरदर्शन देखने की सुविधा उपलब्ध है।

लालू के साथ ये भी पहुंचे जेल

अब सेंट्रल जेल में अपर डिवीजन सेल में लालू प्रसाद यादव के साथ दो अन्य वीआइपी बंदी भी पहुंच गए हैं। चारा घोटाले में लालू के साथ-साथ दोषी पाए गए बिहार विधानसभा की लोक लेखा समिति के तत्कालीन अध्यक्ष जगदीश शर्मा व पूर्व विधायक डॉ. रवींद्र कुमार राणा को भी अपर डिवीजन सेल का ही कमरा मिला है।

अपर डिवीजन सेल में चार-चार कमरों के दो विंग

अपर डिवीजन सेल में चार-चार कमरों के दो विंग हैं। एक विंग में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, बिहार विधानसभा में लोक लेखा समिति के तत्कालीन अध्यक्ष जगदीश शर्मा व झरिया के विधायक संजीव सिंह हैं। यहां एक कमरा अभी खाली है। दूसरे विंग में खिजरी के पूर्व विधायक सावना लकड़ा, पूर्व मंत्री राजा पीटर, पूर्व विधायक कमल किशोर भगत के अलावा बिहार विधानसभा के पूर्व विधायक डॉ. रवींद्र कुमार राणा हैं।

सातवीं बार फिर जेल पहुंचे लालू

पहली बार 30 जुलाई 1997 : (135 दिन जेल में रहे)
दूसरी बार 28 अक्टूबर 1998 (73 दिन जेल में रहे)
तीसरी बार 5 अप्रैल 2000 (11 दिन जेल में रहे)
चौथी बार 28 नवंबर 2000 (एक दिन)
पांचवी बार 26 नवंबर 2001 (23 दिन)
छठी बार 3 अक्टूबर 2013 (2 माह 10 दिन)
सातवीं बार 23 दिसंबर 2017 (जारी)
लालू के साथ तीन का रहा है गजब संयोग

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के साथ तीन का गजब संयोग रहा है। 30 सितंबर 2013 को लालू प्रसाद यादव जब होटवार जेल गए थे, उस वक्त तारीख भी 30 थी और उन्हें कैदी नंबर तब 3312 मिला था। अब 23 दिसंबर को जब वे दोषी करार हुए और जेल गए तो वहां इस बार कैदी नंबर 3351 मिला है। उन्हें 3 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी।