बैंकों पेट्रोल पंपों और दुकानदारों के द्वारा छोटे सिक्के नहीं लिए जाने पर आक्रोशित हुए फ्रेंड्स ऑफ आनंद के कार्यकर्ता

बैंकों पेट्रोल पंपों और दुकानदारों के द्वारा छोटे सिक्के नहीं लिए जाने पर आक्रोशित हुए फ्रेंड्स ऑफ आनंद के कार्यकर्ता

बैंकों पेट्रोल पंपों और दुकानदारों के द्वारा छोटे सिक्के नहीं लिए जाने पर आक्रोशित हुए फ्रेंड्स ऑफ आनंद के कार्यकर्ता।

सिर पर काली पट्टी बांधकर निकाला प्रतिरोध मार्च। ट्रैफिक चौक पर सिक्कों को फेंककर किया आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन।

फ्रेंड्स ऑफ आनंद के जिलाध्यक्ष प्रदीप क्षत्रिय ने कहा कि नोटबंदी के बाद बाजार में छोटे सिक्कों की भरमार हो गई। वही सिक्के अब लोगों का सर दर्द बन गए हैं। बैंक भी उन सिक्कों को लेने से इंकार करता है। पेट्रोल पंप पर तेल देने से इनकार किया जाता है।

दुकानदार सिक्कों को लेने में आनाकानी करते हैं। आदरणीय जिला पदाधिकारी महोदय को भी हम लोगों ने मांग पत्र सौंपा था फिर भी परेशानी बरकरार हैं। क्षुब्ध होकर आज लोगों ने सिक्कों को फेंक देने का निर्णय लिया है।

क्योंकि जब इन सिक्कों को कोई लेता ही नहीं तब इनका कोई औचित्य प्रतीत नहीं होता है। फ्रेंड्स ऑफ आनंद जन समस्याओं के प्रति गंभीर दृष्टिकोण रखता है।