बिहार: शहीद के अंतिम संस्कार के लिए सरकार ने नहीं दी जमीन, पिता की आंखों से छलका आंसू

शहीद के पिता ने कहा कि सरकार ने जब उसे अंतिम संस्कार के लिए 2 गज जमीन तक नहीं दिया गया तो सरकार का पैसा भी उन्हें नहीं चाहिए, हम गांव वालों के सामने भीख मांगकर अपने बेटे की स्मारक  बनाएंगे।

पटना। सुकमा नक्सली हमला में शहीद हुए बिहार के भोजपुर जिले के एक जवान, अभय मिश्रा की शहादत पर आंसू तो बहुत बहाए जा रहे है लेकिन हकीकत दिल को दहला देने वाला है। जिला प्रशासन ने भोजपुर के इस लाल को अंतिम संस्कार के लिए दो गज जमीन तक नहीं दी। बता दें कि शहीद अभय मिश्रा का शव मंगलवार की रात उनके गांव पहुंचा था। शहीद के परिजन गांव के पास ही खाली पड़ी जमीन पर अंतिम संस्कार करना चाहते थे लेकिन वो जमीन सरकारी थी। परिजनों ने मौके पर मौजूद जगदीशपुर के एसडीओ से इजाजत मांगी लेकिन एसडीओ ने शहीद के पिता को साफ इंकार कर दिया।

ग्रामीणों ने एसडीओ साहब को काफी देर तक मनाने की कोशिश की लेकिन एसडीओ साहब टस से मस नहीं हुए। आखिरकार शहीद के गांव के एक ग्रामीण ने आगे आ अपनी जमीन दी तब जाकर जवान का अंतिम संस्कार हुआ। बता दें कि शहीद के पिता ने बेटे की शहादत के लिए जिला प्रशासन से 2 गज सरकारी जमीन मांगी थी। उनका कहना था कि उनका बेटा देश की सेवा में शहीद हुआ है इसलिए उसकी याद में सरकारी जमीन पर उसका अंतिम संस्कार करते हुए वहां स्मारक बनाया जाए। पर सरकारी बाबू ने उनकी मांग को नकारते हुए यहां तक कह दिया कि अगर सरकारी जमीन पर वह कुछ भी ऐसा करते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी बाबू के द्वारा इस तरह की बात कहे जाने पर शहीद के पिता फूट फूट कर रोने लगे और सरकार की व्यवस्था को कोसने लगे। शहीद के पिता ने कहा कि सरकार के द्वारा जब उसे 2 गज जमीन तक नहीं दिया गया तो सरकार का पैसा भी उन्हें नहीं चाहिए हम गांव वालों के सामने भीख मांगकर अपने बेटे की स्मारक बनाएंगे।